लोकसभा चुनाव 2019: दिल्ली में गठबंधन को लेकर कांग्रेस को अभी भी है 'आप' का इंतजार

लोकसभा चुनाव 2019: दिल्ली में गठबंधन को लेकर कांग्रेस को अभी भी है 'आप' का इंतजार

कभी हां, कभी ना फिर भी कांग्रेस को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर अभी भी हैं इंतजार. यह खुलासा दिल्ली के प्रभारी पी.सी. चाको ने किया. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार हालांकि कांग्रेस ने दिल्ली की सभी सातों सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों पर मन बना लिया है लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चाहते है कि कांग्रेस और आप दिल्ली में मिलकर  चुनाव लड़े.

पार्टी सूत्रों का दावा था कि राहुल की सोच के पीछे वह सर्वेक्षण है जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि यदि दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ते है तो कांग्रेस और आप दोनों दलों के उम्मीदवार दिल्ली में चुनाव हार जाएगें जिसका लाभ भाजपा को मिलेगा और एक बार फिर दिल्ली की सातों सीटों पर भाजपा कब्जा कर सकती है. 

कांग्रेस और ‘आप’ के बीच गठबंधन अटकने का मुख्य कारण आम आदमी पार्टी की वह मांग है जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर रही है. इस मांग के तहत आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व से शर्त रखी कि यदि कांग्रेस हरियाणा, गोवा और पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन करती है तो आप खुशी-खुशी उसे स्वीकार करेगी. 

दूसरी ओर राहुल ने पी.सी. चाको को साफ कर दिया कि वह आप को बताऐं कि कांग्रेस राज्यवार गठबंधन कर रही है और उसकी गठबंधन की चर्चा केवल दिल्ली तक सीमित होगी गोवा, पंजाब और हरियाणा को उसमें शामिल नहीं किया जा सकता है पी.सी. चाको ने यह खुलासा किया. उन्होंने कहा कि आप और कांग्रेस के बीच बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी चार सीट और कांग्रेस तीन सीटों पर दिल्ली में चुनाव लड़ने की बात तय हो गयी थी.  जिसका आधार 2017 में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को मिले मतों के आधार पर किया गया था.  2017 में कांग्रेस को 21 फीसदी और आप को 26 फीसदी मत मिले थे. 

यह फार्मूला तय हो जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने हरियाणा, पंजाब और गोवा में सीटें देने की मांग कांग्रेस के सामने रखी. जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी. साथ ही चाको ने दावा किया कि कांग्रेस आज भी आप के साथ गठबंधन के लिए तैयार है लेकिन जवाब आम आदमी पार्टी को देना है. 

सूत्र बताते है कि इसी जवाब के इंतजार में कांग्रेस ने फिलहाल अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं की है वहीं एक-दो दिन आम आदमी पार्टी के उत्तर की प्रतीक्षा करेगी लेकिन अगर उत्तर नहीं मिलता है तो कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर देगी तथा ‘एकला चलो’ की नीति की तहत दिल्ली में चुनाव लड़ेगी. 

कांग्रेस की सूची में जिन नेताओं के नाम आये है उनमें कपिल सिब्बल, अजय माकन, राजकुमार चौहान, जयप्रकाश अग्रवाल और  शीला दीक्षित अथवा उनके पुत्र संदीप दीक्षित में से एक को पूर्वी दिल्ली से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है.  इस सूची में चौंकाने वाला नाम सुशील कुमार ओलंपियन खिलाड़ी शामिल है जिसको पश्चिमी दिल्ली से कांग्रेस मैदान में उतार सकती है. लेकिन यह तभी होगा जब आप और कांग्रेस के बीच कोई गठबंधन नहीं होता है.