सोनी समाज अलवर ने दिया होली का समाज के नाम सन्देश

सोनी समाज अलवर ने दिया होली का समाज के नाम सन्देश

प्रिय समाज बन्धुओं, चूंकि होली का त्यौहार खुशियों को बाँटने का त्यौहार है। होली के त्यौहार के माध्यम से मैं समाज को यह संदेश देना चाहता हूँ कि समाज में जमी हुई गन्दगी को दूर करो, रास्ते में बिछे हुए कष्टदायक तत्वों को हटाओ तथा मानसिक दोष र्दुगुणों को हटाना भी इस प्रकार आवश्यक है अन्यथा अनेक मार्गों के असंख्य प्रकार के अनिष्ट होने की सम्भावना है । 

रास्ते में काँटे आते रहने का नियम प्रकृति प्रदत्त है । यदि काँटे सामने न आवें, विघ्न-बाधाओं का अस्तित्व न रहे तो मनुष्य की जागरूकता, क्रियाशीलता, चैतन्यता और विचारकता नष्ट हो जायेगी, रगड़ में वह शक्ति है कि हथियार को तेज बनाती है, यदि हथियार घिसा न जाये तो वह कुन्द हो जायेगा और जंग लगकर कुछ समय बाद वह निकम्मा बन जायेगा । मनुष्य जीवन में रगड़ और संघर्ष की बड़ी भारी आवश्यकता है अन्यथा जीवित रहते हुए भी मृत अवस्था के दृश्य देखने पड़ेगें । 

जो जातियाँ अपनी सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक विकृत्तियों को संघर्षपूर्वक हटाती रहती हैं, वे जीवित रहती हैं और जो भाग्य भरोसे शुतुर मुर्ग की तरह बालू में मुँह गाढ़कर निश्चित एवं निष्क्रिय बनती हैं, वे गरीबी, गुलामी, बीमारी, बेइज्जती आदि के दुःख भोगती हुई नष्ट हो जाती हैं । 

हिन्दू धर्म जीवित और पुरुषार्थी जाति का धर्म है । उसका हर एक त्यौहार जागरूकता ओर क्रियाशीलता का सन्देश देता रहता है । होली का सन्देश यह है कि भीतरी और बाहरी गन्दगी को ढूँढ़-ढूँढ़कर साफ कर डालें और चतुर्मर्खी पवित्रता की स्थापना करें एवं मानसिक सामाजिक राजनैतिक विकृत विकारों के कंटक जो रास्ते में बिछे हुए हैं उन्हें सब मिल जुलकर ढूँढ़-ढूँढ़कर लावें और उनमें आग लगाकर उत्सव मनावें । होली मनाने का यही सच्चा तरीका है । अश्लील अपशब्द बकना, कीचड़, मिट्टी मनुष्यों पर फेंकना यह तो पशुता का चिन्ह एवं असभ्यता है इससे तो दूर ही रहना चाहिए । 

एक बार पुनः होली की आपको और आपके परिवारजनों को बहुत बहुत शुभकामनाएं।

जय महाराजा अजमीढ़ जी की
जय स्वर्णकार समाज

आपका
शीशराम सोनी
जिला अध्यक्ष
जिला मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज समिति, अलवर (राज.)
ईमेल: contact@sonisamajalwar.com
वेबसाइट: www.sonisamajalwar.com